📘 Chapter 2 — Risk और Reward: Investment में पैसा कैसे बढ़ता है?
Investment की दुनिया में एक बात हमेशा याद रखो:
“जितना Risk, उतना Reward – और बिना Reward के Wealth कभी नहीं बनती।”
बहुत से लोग Investment से डरते हैं सिर्फ इसलिए क्योंकि उन्हें Risk और Reward का सही मतलब नहीं पता होता।
इस Chapter में हम बिल्कुल आसान भाषा में समझेंगे कि पैसा असल में बढ़ता कैसे है और नुकसान का डर क्यों लगता है।
Agar यह chapter clear हो गया, तो आगे आप कहीं भी Invest करने से पहले 100% Confident रहोगे.
🔶 Investment में Risk क्या होता है?
“Risk” का नाम सुनते ही लोग सोचते हैं कि पैसा डूब जाएगा।
लेकिन असली meaning ये नहीं है।
Risk का मतलब होता है — आपके पैसों का value short-term में ऊपर-नीचे होना।
यानी आज आपकी investment ₹10,000 है
कल market ऊपर हुआ तो ₹10,500
Market नीचे हुआ तो ₹9,800
बस यही fluctuation को Risk कहते हैं।
इसका मतलब कबाड़ा होना नहीं है।
🔹 Risk क्यों आता है?
Risk आने के 3 बड़े कारण हैं:
1. Market का ऊपर-नीचे होना
हर तरह का investment —
Stocks, Gold, Mutual Funds, Crypto —
सबका price रोज़ changing रहता है।
2. Time कम होना
Short-term (1–2 साल) में ज्यादा Risk होता है।
Long-term (5–20 साल) में Risk खुद-ब-खुद कम हो जाता है।
3. इंसान की गलतियाँ
- डरकर बेच देना
- लालच में ज्यादा पैसे लगा देना
- बिना समझे invest कर देना
इनसे loss होने की संभावना बढ़ जाती है।
🔶 Investment में Reward क्या होता है?
Reward का मतलब —
Investment से आपको मिलने वाला असली profit।
Reward 3 प्रकार का होता है:
1. Capital Gain (Value बढ़ना)
उदाहरण:
₹5,000 का share ₹7,000 हो गया।
यानी ₹2,000 का reward।
2. Extra Earnings (Dividend, Interest, Rent)
यानी वो पैसा जो आपको बिना कुछ किए मिलता रहे।
3. Long-Term Compounding Profit
10–20 साल तक Invest करने पर छोटा पैसा कई गुना बड़ा बन जाता है।
यही असली wealth होती है।
🔶 Risk और Reward का असली Connection
Investment में एक Universal Rule है:
“Low Risk = Low Return”
“High Risk = High Return Potential”
यानी सुरक्षित चीज़ें कम कमाती हैं
और जो ज्यादा कमा सकती हैं, उनमें थोड़ा जोखिम होता है।
इसे एक table में समझते हैं:
| Investment | Risk Level | Return |
|---|---|---|
| Saving Account | बहुत कम | 2–3% |
| FD / RD | कम | 5–7% |
| PPF / NPS | कम–मध्यम | 7–9% |
| Gold | मध्यम | 10–12% |
| Mutual Funds | मध्यम | 12–16% |
| Stock Market | मध्यम–ज्यादा | 14–20% |
| Crypto | बहुत ज्यादा | 20–100% (highly volatile) |
Yahan aap clearly देख सकते हो —
जितना सुरक्षित, उतना कम फायदा।
जितना समझ और patience वाला investment, उतना ज्यादा reward।
🔶 Compounding – पैसा बढ़ाने का जादू
Compounding को दुनिया का 8वां अजूबा कहा जाता है।
इसका मतलब होता है —
Interest पर भी Interest मिलना।
Example:
₹1,000 invest किया
10% return मिला → ₹1,100
अगले साल 10% return
अब interest ₹1,100 पर मिलेगा, न कि ₹1,000 पर।
Time बढ़ने के साथ पैसा multiply होता जाता है।
Isliye experts kehte hain:
“जल्दी शुरू करो और लंबे समय तक टिके रहो।”
🔶 Short-Term vs Long-Term Risk
Short-Term (1–2 साल)
- Market news से जल्दी प्रभावित
- गिरावट और उछाल दोनों तेज
- Beginners के लिए shortcut जैसा लगता है
- लेकिन Risk ज्यादा होता है
Long-Term (5–10–20 साल)
- Risk बहुत कम
- Market का उतार-चढ़ाव balance हो जाता है
- Compounding काम करती है
- Profit almost guaranteed होता है (historically)
इसलिए Beginners को हमेशा
Long-Term Investment करना चाहिए।
🔶 Risk को Control कैसे करें? (Beginner Friendly Tips)
Risk को Zero नहीं किया जा सकता,
लेकिन कम जरूर किया जा सकता है।
1. Diversification (पैसा बाँटकर लगाओ)
पूरा पैसा एक ही जगह मत लगाओ।
Example:
- 30% Mutual Funds
- 20% Index Funds
- 20% Gold / SGB
- 20% Shares
- 10% PPF / Cash
2. SIP शुरू करो
Market high हो या low —
हर महीने little-little invest करने से average cost बन जाता है और risk कम हो जाता है।
3. Long-Term सोचना सीखो
Short-term movement से डरकर decision मत लो।
4. Company की basic जानकारी लो
Balance sheet, profit, business model —
थोड़ा सा check कर लेने से risk बहुत कम हो जाता है।
5. जरूरत का पैसा invest मत करो
Emergency fund हमेशा अलग रखो।
Investment ka paisa untouched रहना चाहिए।
🔶 Reward बढ़ाने के तरीके
Aapka profit tabhi fast grow karta hai jab आप yeh चार चीजें follow करो:
1. Early Start (जितनी जल्दी, उतना फायदा)
20 साल की उम्र में शुरू करो → लाखों बचते हैं।
30 में करो → profit आधा हो जाता है।
2. Regular Investment
हर महीने थोड़ा-थोड़ा पैसा —
compound होकर future में mountain बन जाता है।
3. सही Assets चुनो
Index Funds, Bluechip Stocks, Gold SGB, Balanced Funds —
ये historically सबसे अच्छे returns देते हैं।
4. Patience रखो
Investment हमेशा समय के साथ जीतता है।
Short-term में डरना normal है,
लेकिन profit long-term में मिलता है।
🔶 Chapter 2 का Quick Summary (Super Easy Language)
- Risk मतलब short-term में market का ऊपर-नीचे होना
- Reward मतलब profit, dividend, interest, long-term gains
- Low risk = low return
- High risk = high return
- Compounding = profit पर profit
- Short-term risky, long-term safe
- Diversification + SIP + patience = guaranteed growth
- Wealth slow लेकिन strong तरीके से बनती है